➤ ज्वालाजी में झंडा रस्म के साथ शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, 20 अक्तूबर तक चलेगा मेला
➤ 51 क्विंटल फूलों से सजेगा मां का दरबार, 250 पुलिस जवान और 75 होमगार्ड संभालेंगे सुरक्षा
➤ छठी, सप्तमी और अष्टमी को 24 घंटे दर्शन, तीन समय लंगर और निशुल्क स्वास्थ्य शिविर की सुविधा
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में रविवार से शारदीय अश्विन नवरात्र का शुभारंभ पारंपरिक झंडा रस्म और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ होगा। नवरात्र के दौरान मां ज्वाला के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर न्यास, प्रशासन और जिला पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। मंदिर परिसर को 51 क्विंटल देशी-विदेशी और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जा रहा है। नवरात्र का आयोजन 20 अक्तूबर तक चलेगा।
मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन से मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खोल दिए जाएंगे। रात को श्रद्धालुओं की आवाजाही और परिस्थितियों के अनुसार कपाट बंद किए जाएंगे। हालांकि, छठी, सप्तमी और अष्टमी के अवसर पर मंदिर 24 घंटे दर्शन के लिए खुला रहेगा। इससे श्रद्धालुओं को अपनी सुविधानुसार मां के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
51 क्विंटल फूलों से सजेगा मां का दरबार
नवरात्र के लिए श्री ज्वालामुखी मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। मंदिर को 51 क्विंटल देशी-विदेशी और विभिन्न रंगों के फूलों से सजाया जा रहा है। पंजाब सहित दूसरे राज्यों से पहुंचे कारीगर दिन-रात सजावट में जुटे हैं। फूलों के साथ रंग-बिरंगी रोशनी की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर भव्य दिखाई देगा।
श्रद्धालुओं को मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के लाइव दर्शन करवाने के लिए मंदिर परिसर में एलईडी की व्यवस्था भी की गई है। इससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु सुविधाजनक तरीके से ज्योतियों के दर्शन कर सकेंगे।
सुरक्षा के लिए 250 पुलिस जवान और 75 होमगार्ड तैनात
नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर और शहर में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 250 पुलिस जवानों और 75 होमगार्ड कर्मियों की तैनाती की जाएगी। भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पूरे शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया है।
मंदिर परिसर और शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए 80 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों की मदद से भी क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य नवरात्र मेले के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करवाना है।
तीन समय लंगर और निशुल्क स्वास्थ्य शिविर की सुविधा
नवरात्र के दौरान ज्वालामुखी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया है। मंदिर में सुबह नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात के खाने सहित तीन समय लंगर की व्यवस्था रहेगी। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके।
दर्शन के लिए कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अलग से प्रबंध किए गए हैं। मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए 75 अतिरिक्त मेला सेवादार तैनात किए जाएंगे, जबकि शहर के विभिन्न रास्तों पर सफाई व्यवस्था संभालने के लिए 70 सफाई कर्मचारी नियुक्त रहेंगे।
नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और पारंपरिक खानपान से रूबरू होने का अवसर भी मिलेगा। श्रद्धालु कांगड़ी धाम का स्वाद चख सकेंगे। इससे धार्मिक आयोजन के साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम
नवरात्र के दौरान ज्वालामुखी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। नादौन, कांगड़ा और देहरा मार्ग पर पुलिस की अस्थायी चौकियां स्थापित रहेंगी। मंदिर की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग नंबर एक वाहनों के लिए बंद रहेगा।
सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिह्नित स्थानों और शहर के बाहर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से शहर में अलग-अलग स्थानों पर लाउडस्पीकर भी लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से जरूरी सूचनाएं प्रसारित की जा सकेंगी।
प्रशासन की इन तैयारियों के बीच ज्वालामुखी में शारदीय नवरात्र के दौरान धार्मिक गतिविधियों, दर्शन, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान रहेगा। श्रद्धालुओं से अपेक्षा है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और पुलिस व प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें, ताकि मां के दर्शन की यात्रा सुविधाजनक और व्यवस्थित बनी रहे।



